अभियान सशक्त वाहिनी: बेटियों को पुलिस परीक्षा की तैयारी के लिए मिल रहा निःशुल्क प्रशिक्षण



कलेक्टर भिण्ड के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री महेंद्र सिंह अंब के निर्देशन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत अभियान सशक्त वाहिनी के माध्यम से बालिकाओं व महिलाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। प्रशिक्षण कक्षाओं का आयोजन स्थानीय प्रशासन इंस्टीट्यूट, हाउसिंग कॉलोनी स्थित कोचिंग संस्थान में किया जा रहा है।

बाल संरक्षण अधिकारी श्री अजय सक्सेना ने बताया कि अभियान सशक्त वाहिनी महिला सशक्तिकरण की दिशा में जिला प्रशासन की एक विशेष पहल है। इसके तहत बालिकाओं और महिलाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है, जिसकी समस्त व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा की जा रही हैं।


एक माह में 100 घंटे की मेहनत का संदेश


कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि आगामी पुलिस भर्ती परीक्षा 19 नवंबर से प्रारंभ होगी। इसके लिए प्रतिदिन चार घंटे की कक्षा संचालित हो रही है, जिसमें कुल 120 घंटे का अध्ययन होगा। अधिकारियों ने बालिकाओं से कहा कि नियमित उपस्थिति और ईमानदार अध्ययन से परीक्षा में सफलता सुनिश्चित की जा सकती है।

परीक्षा से लगभग 10 से 15 दिन पूर्व बालिकाओं की मॉडल परीक्षा सेट के माध्यम से तैयारी भी कराई जाएगी। लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी के लिए भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। बालिकाओं से यह भी चर्चा की गई कि कक्षाओं को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु क्या सुधार किए जा सकते हैं।


विभाग का संकल्प: पूरी व्यवस्था, बालिकाओं का लक्ष्य सफलता


जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री महेंद्र सिंह अंब ने कहा कि अभियान सशक्त वाहिनी की कक्षाएं केवल कोई शासकीय योजना नहीं, बल्कि बालिकाओं के भविष्य को सशक्त बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी और व्यवस्था से जुड़ी समस्या होने पर विद्यार्थी तत्काल संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि उनका दायित्व नियमित कक्षा में उपस्थित रहकर अध्ययन करना है और विभाग की अपेक्षा उनका चयन है।


कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक अमित राजावत, आनंद शर्मा, आनंद सिंह कुशवाहा तथा प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह तोमर उपस्थित रहे। प्रबंधक ने बताया कि बालिकाएं नियमित अध्ययन कर रही हैं और सही दिशा में मेहनत से सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलेगा। अंत में बाल संरक्षण अधिकारी श्री अजय सक्सेना ने बालिकाओं को आगामी एक माह के लगभग 100 घंटे पूर्ण रूप से परीक्षा की तैयारी को समर्पित करने हेतु प्रेरित किया।

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